Ration Card Update : वर्तमान समय में महंगाई सभी परिवार की एक चिंता का विषय बन गया है और तब राशन कार्ड इन मागईयों के बीच किसी वरदान से कम नहीं है। राशन कार्ड के जरिए हर एक परिवार को हर महीने सस्ता और मुफ्त अनाज गरीबों और मध्यम वर्ग के परिवारों को राहत दे रही है लेकिन अब इस पर सरकार के द्वारा एक बड़ा बदलाव की ज्यादा की तैयारी में है चर्चा का विषय यह चल रहा है कि अब राशन की जगह सभी के खाते में सीधे पैसे भेजे जा सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो लाखों परिवारों को हर महिने ₹1000 तक मिल सकते हैं। यही कारण से इस योजना का इन दिनों से चर्चा चल रहा है।
राशन कार्ड योजना में बदलाव क्यों जरूरी
भारत सरकार हर एक साल राशन व्यवस्था पर एक बड़ा खर्च करती है। अनाज खरीदने से लेकर उसे गोदामो तक पहुंचाने और फिर राशन दुकानों तक पहुंचाने में काफी पैसा खर्च हो जाता है। ऐसे में 1 किलो चावल पर सरकार को करीब ₹40 तक का खर्च आता है इसके बावजूद भी कई बार अनाज खराब भी हो जाते हैं या फिर सही से लोगों तक पहुंच नहीं पता है रिपोर्ट्स के मुताबिक बताई जा रही है कि धुलाई और स्टोरेज की कमी से हजारों टन का अनाज खराब भी हो जाता है। जिससे सरकार को काफी नुकसान सहना पड़ता है इसी समस्या को देखते हुए इसी कारण से अब सरकारी यह फैसला लेने की तैयारी में है कि सीधे हर एक परिवार के खाते में रुपए दिए जाएंगे।
राशन का पैसा सीधे बैंक में मिलेगा
सरकार के द्वारा राशन की जगह उतनी ही पैसे लाभार्थी को बैं खाते में दी जा सकती है। अगर किसी परिवार को महीने में 25 किलो चावल मिलता है तो ऐसे में प्रत्येक किलो पर करीब सरकार का ₹40 खर्च बनता है तो इस हिसाब से एक परिवार को महीने मे ₹1000 की राशि खाते में डाल दिए जा सकते हैं। जिसके बाद परिवार अपनी जरूरत के हिसाब से बाजार से आधार को खरीद सकते हैं यह सिस्टम केवल पसंद की चीज लेने की आजादी नहीं देगी बल्कि राशन सिस्टम पर होने वाली गड़बड़ी को भी कब कर सकती है।
इस व्यवस्था से कई फायदे
अगर सरकार के द्वारा राशन की वजह सीधे पैसे मिलने लगे तो दलालों की भूमिका कम हो जाएगी और फिर राशन की चोरी और फर्जी कार्ड की समस्या से भी काफी राहत मिल सकती है। इसके साथ ही लोगों को अपने आसपास के बाजारों से बेहतर और ताजा अनाज खरीदने काफी अफसर मिलेगा और सरकार को भी गोदाम ट्रक और रखरखाव के लिए कोई खर्चा नहीं करना पड़ेगा। जिससे सरकारी खजाने पर भी कम बोझ पड़ेगी। जब पैसा परिवार के सीधे बैंक खाते में पहुंचे गए तो स्थानीय बाजार और छोटे दुकानदारों को भी काफी फायदा मिलेगा और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई ताकत मिल सकती है।
सरकार के द्वारा लोगों को विकल्प
आपको बता दे की विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के द्वारा लोगों को यह विकल्प देना चाहिए। कुछ समय तक यह सुविधा दी जाए कि लाभार्थी चाहे तो राशन ले या फिर पैसे। इसके लिए लोगों को 12 से 18 महीने तक समय दिया जा सकता है। फिर उसके बाद महगाई के हिसाब से समय-समय राशि को भी बढ़ावा देना जरूरी माना जाता है। जहां बैंक की सुविधा कमजोर है वह राशन की कूपन जैसे विकल्प को अपनाया जा सकते हैं। अगर इस योजना को सोच समझ कर लागू किया जा सके तो यह राशन व्यवस्था में एक दही सुधार साबित हो सकती है और गरीब परिवारों को संवाद के साथ-साथ आपकी जरूरत भी पूरा करने को मौका मिल सकता है।